जय वाल्मीकि जय भीम
#सृष्टिकर्ता_द्वारा_प्रकृति_के_रूप_में_सबसे_सुंदर_सौगात_के_रक्षक_रहे_हैं_हम_राक्षस
महात्मा लंकापति रावण की तरह ही उनके परिवार द्वारा सृष्टिकर्ता वाल्मीकि द्वारा रचित परियावरण की रक्षा की जाती थी। क्योंकि कुदरत हमें जीवित रहने के लिए सब कुछ बख्शती है हवा से लेकर अन्न तक,जो सभी जीवों के लिए समान है मनुष्य से लेकर जानवर तक और वृक्ष से लेकर पौधों तक। इसलिए हमें जीवन देने वाली कुदरत को जीवित रखना भी हमारा कर्तव्य है। जिसे आदि आरम(धर्म) के महान पूर्वजों ने बखूबी निभाया जिसके बदले उन्हें परियावरण को नुकसान पहूंचाने वालों ने राक्षस जैसे शब्द जोड़ दिए।
आदिवासियों की ये रक्ष संस्कृति बहुत ही महान थी। महात्मा रावण के मामा सूण्ड और उनकी पत्नी माँ ताड़का के बेटे वीर सुबाहू भी इस रक्ष संस्कृति के एक अभिन्न अंग थे। जो कुदरत को हानि पहुँचाने वाले हवन-यज्ञों को भंग किया करते थे क्योंकि तब हवन में वृक्ष,अन्न,फल-फूल और पशुओं की बलि दी जाती थी । वीर सुबाहू ने कुदरत की रक्षा हेतु इन हवन यज्ञों को भंग करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
ऐसा नही कि हमे कूटनीतियों द्वारा रक्ष संस्कृति से तोड़ हवन-यज्ञ प्रथा से जोड़ने की कोशिश नहीं की गयी। उसका उदाहरण हम हमारे समाज में होने वाली भूत पूजा में देख सकते हैं जिसमें एक गोबर के जलते टुकड़े पर घी डाल धुंआ फैलाया जाता है,जिसमें हवन यज्ञ की छवि दिखाई पड़ती है।शायद ये बतलाता है कि हमें कुदरत रक्षा से तोड़ने के लिए ऐसी कुरीतियों से जोड़ा गया। लेकिन देश के कुछ आदिवासी समुदाय आज भी उस रक्ष संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं जो सृष्टिकर्ता को कुदरत के रूप में पूजते हैं और उसकी रक्षा के लिए पूंजीवादियों से ख़ूनी जंग लड़ रहे हैं। हमारे पूर्वजों को जैसे रक्षस से राक्षस बनाया इन रक्ष संस्कृति के रक्षकों को नक्सली बना दिया गया है।
#विक्की_देवान्तक
#आधस_भारत
9988757204
Safeguards of environment in ancient time
जवाब देंहटाएंधन्यवाद कीर्ति गिल जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए
जवाब देंहटाएंधन्यवाद कीर्ति गिल जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए
जवाब देंहटाएंGud post Vicky Devantak ji
जवाब देंहटाएंJai valmeki jai Bheem.....Hamare samaaj ka itna bada itihaas ke hamein shayed 5% bhi abhi gyaat nhi hai ....main apka dhanyvad karta hoon veer Vickey Devantak ji aap hamare samaaj ko unke astitav se roohbarooh karwa rhe ho... .....Dharam parcharak veer Jaspreet Dharamratan 👏
जवाब देंहटाएंJai valmeki jai Bheem.....Hamare samaaj ka itna bada itihaas ke hamein shayed 5% bhi abhi gyaat nhi hai ....main apka dhanyvad karta hoon veer Vickey Devantak ji aap hamare samaaj ko unke astitav se roohbarooh karwa rhe ho... .....Dharam parcharak veer Jaspreet Dharamratan 👏
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंबहुत ही अच्छी जानकारी दी विक्की जी आपने आज जो हमारे महान योधाओं की जो छवि जो दिखाई जाती है असलियत में वे ऐसे नही बल्कि उसके विपरीत थे |धन्यवाद जी सच्चाई से अवगत करवाने के लिए |
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